रसीले आम के औषधीय गुण

रसीले आम के औषधीय गुण

गर्मियों के आते ही रस भरे आमों का मौसम भी जाता हैं  रस भरे आमों को देख कर शायद  ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसका मन इन रसीले आमों को खाने के लिए ना ललचाए। रसीले आम अपने उम्दा स्वाद के लिए हम सबके के मध्य पसंदीदा फल तो हैं ही लेकिन अपने औषधीय गुणों के लिए भी बहुत लोकप्रिय हैं। आयुर्वेद के अनुसारआम को अनेक बीमारियों के उपचार एवं उनकी रोकथाम में बहुत ही उपयोगी माना गया है। आप भी आम का सेवन कर इसके औषधियों गुणों की सहायता से अनेक रोगों से दूर रह सकते हैं या कह सकते हैं की आप उन गंभीर रोगों से पूर्णतः छुटकारा भी पा सकते हैं। 


आइये जाने आम के औषधीय उपयोग :

1. सूखी खांसी

एक पका हुआ रसीला आम लें  और उसे आग में अच्छी तरह से भून लें | जब यह ठंडा हो जाए तो इसका ऊपरी छिलका निकल कर धीरे -धीरे खाएंइससे सूखी खांसी में लाभ होता है |

2. मधुमेह

आम की गुठली की गिरी को छाया में सुखाकर बारीक चूर्ण बना लें और साफ बर्तन में रख लें। अब  प्रतिदिन सुबह और शाम 5- 5 ग्राम की मात्रा में शुद्ध स्वच्छ जल के साथ इसका सेवन करें। इसके सेवन से मधुमेह रोगी को अत्यंत लाभ प्राप्त होता है।

3. पेट के कीड़े

अक्सर देखा गया है की छोटे नन्हें  बच्चों को मिट्टी खाने की आदत होती है।  यदि आप के बच्चों को भी मिट्टी खाने की आदत है तो उन्हें आम की गुठली की गिरी का - ग्राम चूर्ण स्वच्छ पानी में मिलाकर दिन में दो -तीन बार पिलायेंइसके निरंतर सेवन से उनके पेट के कीड़े निचित ही मर जायेंगे और उनके स्वास्थ में भी दिन प्रतिदिन सुधर होता जायेगा|

4. क्षय रोग

100 ग्राम आम के रस में 10 ग्राम शहद मिलकर सुबह-शाम सेवन करने से क्षय रोग में काफी लाभ होता है। इसके लगातार सेवन से शरीर बलवान होता है और एक नयी चुस्ती फुर्ती से परिपूर्ण होता है।

5. गर्मी में लू से बचाव

गर्मियों में लू लगने पर कच्चे आम को अच्छी तरह आग में भूनकर उसका पन्ना बना कर पीने सेलू से होने वाली बेचैनी में अत्यंत लाभ होता है

6. नेत्र-ज्योति और रतोंधी रोग

लगभग सभी पीले रंग के फलों में केरोटीन पाया जाता हैलेकिन और फलों की अपेक्षा आम में केरोटीन अधिक होता है जिससे शरीर में विटामिन बनता है। विटामिन नेत्र-ज्योति के लिए बहुत ही ज़रूरी तत्व है।  अतः हम कह सकते हैं की आम का सेवन नेत्र-ज्योति बढ़ाने के लिय वरदान है। एक व्यक्ति को प्रतिदिन 5000 अन्तर्राष्ट्रीय विटामिन चाहिये जो केवल 100 ग्राम आम से प्राप्त की जा सकती है अत: प्रतिदिन 100 ग्राम आम के सेवन से नेत्रों की ज्योति बढ़ती है और साथ ही साथ रतौंधी रोग में भी इसका सेवन अत्यंत लाभकारी साबित होता है।

7. बलवर्धकवीर्यवर्धकपित्तनाशक

100 ग्राम आम को एक गिलास दूध में मिलाकर पीने से शारीरिक बल में वृद्धि होती है और साथ ही साथ इसे  पित्त नाशकरूचिकरवीयवर्ध्दकवर्ण को उत्तम करने वाला भी माना गया है।